Let’s Trump the Taboo

enhanced-7823-1431675233-13.png

एक मेडिकल स्टोर के तीन लड़के अक्सर मुझे कुछ अलग नज़रों से देखते हैं, वो बात करते रहते हैं तो मुझे देख कर चुप हो जाते हैं लेकिन बड़े ध्यान से देखते हैं। मुझे महसूस होता है कि मैं उनकी नज़र में “वैसी टाइप” की लड़की हूँ, इसके काफी ज़ोरदार कारण भी हैं सबसे पहली बार मैं उस दुकान पर सैनिटरी नैपकिन्स लेने गयी थी, कई लोगों की भीड़ में मैंने जब कहा “एक्सक्यूस मी, एक व्हिस्पर देना” और ये कहकर मैंने 50 की नोट काउंटर पर रख दी।उसने वहीँ पर एक चक्कर लगाया और फिर खड़ा होकर कुछ सोचने लगा।मैंने कहा “कितना टाइम लगा रहे हैं” “मैडम लिफाफा ढूंढ रहे हैं” “शैम्पू तेल और दवाईयां भी लिफ़ाफ़े में छुपा कर देते हो?दुकान पर तो सजा कर रखते हो नैपकिन्स, लाईये ऐसे ही दीजिये” दूसरी बार उसी दुकान पर मैं इंटीमेट वाश, पाउडर और क्रीम लेने गयी, अबकी बार ये सामान छुपाने के लिए उसे लिफाफा आसानी से मिल गया था, उसने लिफ़ाफ़े में सामान डालने की कोशिश भी की लेकिन मुझे देखकर नही डाला और वैसे ही दिया।

अभी कुछ दिन पहले फिर उस दुकान पर जाना हुआ, मर्दों की ही भीड़ थी, मैंने सामान्य सी आवाज़ में ही कहा लेकिन फिर भी भीड़ की आवाज़ें मेरी दबी आवाज़ से भी मानो चीर उठी “excuse me, प्रेगा न्यूज़ प्रेग्नेंसी टेस्ट किट होगा” “कितने वाला चाहिए?” “कितने कितने वाले होते हैं?” “15 वाला भी है, 30 और 50 वाला भी” “दिखा दीजिये सभी” मैं पढ़ने लगी तो पता चला सब अलग अलग कम्पनी के हैं।तब तक वे लोग मुझे गौर से देखकर ये तस्दीक कर थे कि मैं विवाहित हूँ या नही। “सर, ये प्रेगा न्यूज़ तो नही हैं” वे मुझे कुछ इस तरीके से देख रहे थे जैसे मैं उनकी अपराधी हूँ। अभी कई दिनों से जब मैं गुज़रती हूँ उस दुकान के सामने से तो वे झुक झुक कर मुझे देखते हैं।मुझे हैरानी होती है कि वे प्रोफेशनल नही हैं, निजता में ताक झाँक करने वाले हैं।वे बिलकुल वैसे हैं जो इस सूत्र पर काम करते हैं अविवाहित लड़की द्वारा प्रेग्नेंसी टेस्ट किट का क्रय= बेशर्म लड़की/ कुसंस्कारी/ वेश्या टाइप।

ओह दुखद! मैं कैसे समाज का हिस्सा हूँ जहाँ कंडोम और प्रेग्नेंसी टेस्ट किट देखने की जिज्ञासा शांत करने के लिए या तो मुझे विवाह करना होगा या किसी लड़के से सिफारिश कर उसका सहयोग लेना होगा। ……..और यदि मैं इस मामले में आत्मनिर्भर हूँ तो मैं “वैसी टाइप” की लड़की हो जाती हूँ। मेरे समाज में वेश्या (मेरे द्वारा प्रयुक्त यह शब्द पूर्णतः गरिमामय है) होने के मानक कितने सरल और सामान्य हैं।

मेदिनी पाण्डेय

14441177_307709986251646_2151981180005042049_n

3 thoughts on “Let’s Trump the Taboo

  1. Loved this piece. जी हमारे समाज की यही तो problem है कि कहने को तो हम मॉडर्न बने फिरते हैं लेकिन सोच हमारी फिर भी भूत काल की है. वाह रे India Shining 😐

Leave a Reply